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Union Budget 2021: विनिवेश के लक्ष्य से पिछड़ी सरकार! FY21 में जुटाने थे 2.1 लाख करोड़, अबतक 5% ही आया

Union Budget 2021 India: चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए PSUs में विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है.

Updated: Dec 17, 2020 1:37 PM
FY21 disinvestment target at Rs 214000 crore; government achieved only Rs 11000 crore so farपिछले वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए 67,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था.

Indian Union Budget 2021-22: कोविड-19 महामारी के बीच मोदी सरकार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च को बनाए रखना और बढ़ाना बहुत आसान नहीं रह गया है. इसकी अहम वजह महमारी के चलते अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती और इससे राजस्व में गिरावट है. विनिवेश के जरिए भी सरकार चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अबतक लक्ष्य का करीब 5 फीसदी हासिल कर पाई है. हालांकि, ​हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह साफ किया कि आगामी बजट 2021-22 इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च की रफ्तार को कायम रखेगा और वह यह सुनिश्चित करने वाला होगा कि इकोनॉमिक रिवाइवल जारी रहे. वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के हिस्सेदारी बिक्री प्रोग्राम को लेकर विनिवेश में अब तेजी आएगी और ऐसे मामले, जिनमें कंपनियों को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें पूरी गंभीरता से लिया जाएगा.

बीते कुछ सालों में विनिवेश लक्ष्यों को लेकर सरकार के रुझान को देखें तो आखिरी तिमाही तक इंतजार कर रही है. चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकारी कंपनियों में विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी तक सरकार बजटीय लक्ष्य का करीब 11,000 करोड़ रुपये ही विनिवेश के जरिए हासिल कर पाई है. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए 67,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था. निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अबतक हिंदुस्तान एयरोनाटिकल्स, भारत डायनेमिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, RITES, SUUTI और IRCTC में इक्विटी शेयर की बिक्री की है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि सरकार इकोनॉमी को सहारा देने के लिए खर्च में बढ़ोतरी कर सकती है, चाहे इससे बजट घाटे में और बढ़ोतरी हो जाए. सरकार जल्दबाजी में प्रोत्साह खर्च (राहत पैकेज) में कमी करने का फैसला नहीं लेगी. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सरकारी कंपनियां कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रखें. इस समय जिस तरह के हालात हैं, उसमें खर्च बढ़ाए जाने की जरूरत है और फिस्कल डेफिसिट से चिंतित होने की जरूरत नहीं है.

सरकार को बदलनी चाहिए ‘आखिरी तिमाही’ की स्ट्रैटजी

एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरूआ का कहना है, यह तो साफ है कि कोविड19 महामारी के चलते सरकार के विनिवेश प्रोग्राम को ब्रेक लगा है. दूसरी एक अहम बात यह भी है ​कि बीते दिनों शेयर मार्केट में आई तेजी के बावजूद विनिवेश प्रोग्राम पर सरकार की रफ्तार नहीं दिखाई दी. यानी, कहीं न कहीं सरकार का बाजार पर भरोसा पूरा नहीं लग रहा है. अभी तक चाल वित्त वर्ष के लिए विनिवेश लक्ष्य का करीब 5 फीसदी हासिल हो पाया है. यदि लक्ष्य के मुताबिक रकम विनिवेश से नहीं जुटाई जा सकी तो निश्चित रूप से इसका असर सरकारी खर्च को बनाए रखने या इसमें बढ़ोतरी करने पर भी पड़ेगा.

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बरुआ का कहना है, बीते 10 साल के विनिवेश प्रोग्राम पर सरकारी ट्रेंड को देखें तो वह आखिरी तिमाही तक इंतजार करती है. सरकार को यह स्ट्रैटजी बदलनी चाहिए. विनिवेश से जुड़े जितने भी स्टेकहोल्डर हैं, उनको यह इस पर विचार करना चाहिए. वित्त मंत्रालय संबंधित विभागों के साथ बैठकर एक ट्रिगर प्राइस तय करे और स्टेक सेल पर आगे बढ़े. आखिरी तिमाही तक इंतजार करना, इस बात की गारंटी नहीं है कि स्टेक सेल का अच्छा प्राइस मिलेगा.

23 PSUs में शेयर बिक्री को है कैबिनेट मंजूरी

इससे पहले, जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार करीब 23 पीएसयू की शेयर बिक्री को पूरा करने पर काम कर रही है. इनके विनिवेश को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इनमें हिंदुस्तान प्रीफेब, इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स-इंडिया, स्कूटर्स इंडिया, भारत पम्प्स एंड कम्प्रेर्स, सीमेंट कॉरपोरेशन आफ इंडिया, पवन हंस, एअर इंडिया का विनिवेश भी शामिल है.

सरकार पीएसयू में हिस्सेदारी बेचने सही कीमत यानी उचित वैल्यूएशन पर बेचना चाहती है. 2.1 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य में से करीब 1.20 लाख करोड़ सरकारी कंपनियों में में विनिवेश के जरिए जबकि अन्य 90,000 करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों में शेयर बिक्री से आ सकते हैं. आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विनिवेश के अलावा, सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एफडीआई से 1.1 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया है.

FY21 में अबतक विनिवेश से हासिल रकम

FY21 disinvestment target at Rs 214000 crore; government achieved only Rs 11000 crore so far Source: DIPAM, as on 17Dec. 2020

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