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Tax Saving: केवल होम लोन से 10.50 लाख की आय बना सकते हैं टैक्स फ्री, यूं समझें कैलकुलेशन

इनकम टैक्स सेविंग का वक्त चल रहा है. करदाता विभिन्न निवेश विकल्पों का इस्तेमाल कर टैक्स को कम करने की प्लानिंग कर रहे हैं.

Updated: Feb 12, 2020 11:45 AM

Tax Saving: salaried class taxpayers can make upto 10.50 lakh rupee income tax free, know the calculation and income tax act rules

Income Tax Saving: इनकम टैक्स सेविंग का वक्त चल रहा है. करदाता विभिन्न निवेश विकल्पों का इस्तेमाल कर टैक्स को कम करने की प्लानिंग कर रहे हैं. अगर आप सैलरीड क्लास हैं और आपने होम लोन ले रखा है तो यह भी टैक्स बचाने में मददगार है. अकेले एक होम लोन के जरिए आप सालाना 10.50 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री बना सकते हैं. कैसे आइए बताते हैं…

50000 रु का स्टैंडर्ड डिडक्शन

हर सैलरीड क्लास करदाता के लिए 50 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रावधान है. यह एक फ्लैट डिडक्शन है, जिसे करदाता की कुल आय में से घटा दिया जाता है. स्टैंडर्ड डिडक्शन को बजट 2018 में दोबारा लाया गया और बजट 2019 में इसकी लिमिट को 40000 से बढ़ाकर 50000 रुपये कर दिया गया.

मूलधन पर 1.5 लाख रु तक की छूट

लोन के मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट पर आयकर कानून 1961 के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का प्रावधान है. करदाता इस सेक्शन में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये सालाना तक का डिडक्शन क्लेम कर सकता है. लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि जिस घर के लिए होम लोन लिया गया है और यह डिडक्शन क्लेम किया जा रहा है, उसे खरीदे जाने के 5 साल तक बेचा नहीं जा सकता. अगर मालिक ऐसा करता है तो घर की बिक्री वाले साल में सभी पुराने डिडक्शन उसकी आय में जोड़ दिए जाएंगे.

सेक्शन 24: होम लोन के 2 लाख रु तक के ब्याज पर छूट

होम लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर टैक्स डिडक्शन का फायदा आयकर कानून 1961 के सेक्शन 24 के तहत आवासीय संपत्ति से हेड ऑफ इनकम के अंतर्गत मिलता है. इसे सेक्शन के अंतर्गत होम लोन के ब्याज पर मैक्सिमम 2 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है.

सेक्शन 80EEA: 1.5 लाख रु तक की अतिरिक्त छूट

बजट 2019 में एलान किया गया कि नए सेक्शन 80EEA के जरिए 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक लिए गए होम लोन के ब्याज पर करदाता 1.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे. अब बजट 2020 में घोषणा की गई है कि मार्च 2021 तक लोन लेने वाले भी इस नए सेक्शन का फायदा ले सकते हैं. यह सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपये तक के डिडक्शन के अलावा होगा. यानी सेक्शन 24 और सेक्शन 80EEA को मिलाकर होम लोन के ब्याज पर कुल 3.5 लाख रुपये तक का ​टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकेगा. लेकिन सेक्शन 80EEA के तहत अतिरिक्त डिडक्शन क्लेम करने के लिए कुछ शर्तें लागू हैं…

  • लोन दिए जाने वाली तारीख तक करदाता के नाम पर कोई आवासीय संपत्ति नहीं होनी चाहिए.
  • खरीदे जाने वाले घर की स्टैंप ड्यूटी वैल्यू 45 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
  • आवासीय संपत्ति का कारपेट एरिया दिल्ली NCR समेत अन्य मेट्रो शहरों में 645 वर्ग फुट और अन्य शहरों में 968 वर्ग फुट से ज्यादा नहीं होना चाहिए.

इस टैक्स सेविंग को चार्ट के जरिए भी समझा जा सकता है-

ParticularsAmount
ग्रॉस सैलरी10,50,000 रु
(-) स्टैंडर्ड डिडक्शन50,000 रु
इनकम अंडर हेड सैलरी10,00,000 रु
(-) प्रिसिंपल अमाउंट पर डिडक्शन u/s 80C1,50,000 रु
टोटल इनकम8,50,000 रु
(-) होम लोन पर ब्याज पेमेंट (सेक्शन 24 व 80EEA को मिलाकर)3,50,000 रु
टैक्सेबल इनकम5,00,000 रु
2.5 लाख तक 0% टैक्स+2.5 लाख तक 5% टैक्स12500 रु
रिबेट12500 रु
टैक्स बनाNil

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एक लिमिटेड फायदा सेक्शन 80EE के तहत

अगर किसी ने 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच होम लोन लिया है तो वह इसके ब्याज पर सेक्शन 80EE के अंतर्गत कुल आय से 50000 रुपये तक का अतिरिक्त डिडक्शन लोन चुकाए जाने तक हर साल क्लेम कर सकता है. यह सेक्शन 24 के 2 लाख रुपये तक के टैक्स डिडक्शन के अलावा है. यहां यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि सेक्शन 80EE और 80EEA के तहत डिडक्शन एक साथ नहीं लिया जा सकता है. जो टैक्सपेयर्स 80EE के तहत डिडक्शन क्लेम कर रहे हैं, वो 80EEA के तहत क्लेम नहीं कर सकते हैं.इस अतिरिक्त डिडक्शन के लिए कुछ शर्तें हैं..

  • लोन पास होने की तारीख तक व्यक्ति के नाम पर कोई आवासीय संपत्ति न हो.
  • लोन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच लिया गया हो.
  • खरीदे गए घर की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा न हो.
  • होम लोन 35 लाख रुपये से ज्यादा का न हो.

अगर सेक्शन 80EE का फायदा ले रहे हैं तो 9.50 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री की जा सकती है. ऐसे में टैक्स सेविंग का चार्ट कुछ इस तरह होगा-

ParticularsAmount
ग्रॉस सैलरी9,50,000 रु
(-) स्टैंडर्ड डिडक्शन50000 रु
इनकम अंडर हेड सैलरी9,00,000 रु
(-) प्रिसिंपल अमाउंट पर डिडक्शन u/s 80C1,50,000 रु
टोटल इनकम7,50,000 रु
(-) होम लोन पर ब्याज पेमेंट (सेक्शन 24 व 80EE को मिलाकर)2,50,000 रु
टैक्सेबल इनकम5,00,000 रु
2.5 लाख तक 0% टैक्स+2.5 लाख तक 5% टैक्स12500 रु
रिबेट12500 रु
टैक्स बनाNil

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