मुख्य समाचार:
  1. Budget 2019: भारत के एक वित्त मंत्री ने बदली नागरिकता, बना था पाकिस्तान का प्रधानमंत्री

Budget 2019: भारत के एक वित्त मंत्री ने बदली नागरिकता, बना था पाकिस्तान का प्रधानमंत्री

लियाकत अली खान मुस्लिम लीग के बड़े नेता थे और पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के करीबी भी थे.

June 30, 2019 7:20 AM
बजट, बजट 2019, अरुण जेटली, आम बजट, लियाकत अली खान, देश के पहले वित्त मंत्री, budget, budget 2019, budget 1946, budget 1947,muhammad ali jinnah, liaquat ali khan, cii, budget 2019, finance minister nirmala sitharaman, nirmala sitharaman, finance minister, fdi, budget 2019. pre budget industry body meet finance minister, Pre Budget consultations, budget 2019, nirmala Sitharaman, budget 2019 economists, industry chambers, Union Budget, Union Budget 2019, when is union budget 2019, Parliament session, CORPORATE TAX, CII, INDUSTRY DEMAND, INDUSTRY EXPECTATIONS FORM BUDGET 2019, auto sector, scrappage policy, scrappage policy demand, siam, auto sector recession, सीआईआई, बजट 2019, बजट, आम बजट, निर्मला सीतारमण, tax slab, income tax slab, bank union, bank union expectations from budget, ficci, ficci budget 2019, ficci six point agenda, ficci 6 point agenda, indian finance minister become pakistan first prime ministerलार्ड माउंटबेटन के साथ कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेता. (Image: Indian Express Archives)

Budget 2019: प्रचंड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार केंद्र में बनी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश होगा. इसे देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. आजादी के बाद 72 वर्षों में कई वित्त मंत्री आए, कुछ वित्त मंत्री ने पहली बार बजट पेश किया, कुछ ने अपने जन्मदिन पर बजट पेश किया और कुछ ने सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाया. वहीं कुछ ने सबसे लंबा बजट भाषण दिया और कुछ ने सबसे छोटा बजट भाषण दिया. इन सबके बीच एक वित्त मंत्री ऐसे भी रहे जिन्होंने कभी भारत का बजट पेश किया था लेकिन कुछ समय बाद वह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने.

देश की पहली अंतरिम सरकार में वित्त मंत्री थे लियाकत अली खान

आजादी से पहले देश में पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी. इसमें कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने मिलकर सरकार बनाई थी. मुस्लिम लीग की तरफ से लियाकत अली को प्रतिनिधि बनाया गया था और वह अंतरिम सरकार में वित्त मंत्री बने. लियाकत अली खान ने अंतरिम सरकार के वित्त मंत्री के रूप में 2 फरवरी 1946 को लेजिस्लेटिव असेंबली भवन (आज का संसद भवन) में बजट पेश किया था.

तत्कालीन वित्त मंत्री ने इसे ‘पुअरमैन बजट’ (गरीबों का बजट) कहा था. लियाकत अली खान ने बजट प्रस्तावों को ‘सोशलिस्ट बजट’ भी कहा था. हालांकि यह बजट उद्योगों को पसंद नहीं आया था और उन्होंने बजट की कड़ी आलोचना की थी.

विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए लियाकत अली खान

1947 में 14-15 अगस्त की आधी रात को देश का विभाजन हुआ और आजादी के बाद लियाकत अली खान पाकिस्तान चले गए. लियाकत अली खान मुस्लिम लीग के बड़े नेता थे और पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के करीबी भी थे.

आजादी के पहले तक वह अविभाजित भारत के वित्त मंत्री रहे और विभाजन के बाद पाकिस्तान जाने पर वह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बन गए. अविभाजित भारत में वह उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ते थे. हालांकि उनका जन्म अविभाजित पंजाब के करनाल में हुआ था.

Go to Top