सर्वाधिक पढ़ी गईं

Budget 2021: बजट शब्दावली, आसान भाषा में जानें इनका मतलब; बजट समझने में मिलेगी मदद

Union Budget 2021 India: बजट पेश होने से पहले इससे जुड़े कुछ अहम शब्दों का अर्थ जान लेना जरूरी है, जिससे इसे समझने में मदद मिले.

January 29, 2021 3:05 PM
MSME Budget 2021 Expectations, Budget 2021 Expectations for MSMEThe real need of the hour is the shift in approach from “regulation to empowerment” in terms of fiscal laws.

Indian Union Budget 2021-22: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा. कोरोना महामारी और उसके बाद आर्थिक संकट के कारण यह बजट बहुत महत्वपूर्ण हो गया है. बजट में अगले वित्त वर्ष में सरकार द्वारा किए जाने वाले खर्च के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली घोषणाएं और प्रावधान भी किए जाएंगे. बजट पेश होने से पहले इससे जुड़े कुछ अहम शब्दों का अर्थ जान लेना जरूरी है, जिससे इसे समझने में मदद मिले. आइए ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण टर्म के मतलब आसान भाषा में समझते हैं.

वित्त वर्ष (Financial year)

वित्त वर्ष वह साल होता है जो वित्तीय मामलों में हिसाब के लिए आधार होता है. इसे सरकारों द्वारा लेखांकन और बजट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली अवधि भी कहते हैं. व्यापार और अन्य संगठनों द्वारा वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.

आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey)

संसद में आर्थिक सर्वेक्षण के दस्तावेज पेश किए जाने के बाद बजट पेश किया जाता है. यह वित्त मंत्रालय द्वारा अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए तैयार किया जाता है.

बजट घाटा (Budgetary deficit)

बजट घाटे की स्थिति तब पैदा होती है जब खर्चे, राजस्व से अधिक हो जाते हैं.

आयकर (Income tax)

यह हमारी आय के स्रोत जैसे कि आमदनी, निवेश और उस पर मिलने वाले ब्याज पर लगता है.

राजकोषीय नीति (Fiscal policy)

राजकोषीय नीति बजट के संदर्भ में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है. यह सरकार के खर्च और कराधान यानी टैक्सेशन का एक अनुमान है. इसका इस्तेमाल सरकार द्वारा रोजगार वृद्धि, महंगाई को संभालने और मौद्रिक भंडार के प्रबंधन जैसे विभिन्न साधनों को लागू करने और नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है.

राजकोषीय या वित्तीय घाटा (Fiscal deficit)

जब सरकार को प्राप्त होने वाला राजस्व कम रहता है और खर्च अधिक होते हैं तो इस ​इस स्थिति को राजकोषीय या वित्तीय घाटा कहा जाता है. किसी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए कुछ राजकोषीय घाटे को बुरा नहीं माना जाता है. जैसे अगर घाटा किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के 4 फीसदी की सीमा में हो. अगर कुल राजस्व प्राप्तियों और कुल खर्च के बीच का अंतर सकारात्मक है तो इसे राजकोषीय अधिशेष कहा जाता है.

कॉरपोरेट टैक्स (Corporate tax)

कॉरपोरेट टैक्स कॉरपोरेट संस्थानों या फर्मों पर लगाया जाता है, जिसके जरिए सरकार को आमदनी होती है. जीएसटी आने के बाद से यह खत्‍म हो गई है.

सेनवैट (CENVAT)

यह केंद्रीय वैल्‍यू एडेड टैक्‍स है, जो मैन्युफैक्चरर पर लगाया जाता है. इसे साल 2000-2001 में पेश किया गया था.

महंगाई (Inflation)

विभिन्न आर्थिक कारकों की वजह से वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में सामान्य वृद्धि होना महंगाई है. इसकी वजह से एक समयावधि में मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी आती है. इसे प्रतिशत के रूप में दर्शाया जाता है.

प्रत्यक्ष कर (Direct Tax)

किसी भी व्यक्ति और संस्थानों की आय और उसके स्रोत पर इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स और इनहेरिटेंस टैक्स, डायरेक्ट टैक्स के अंतर्गत आते हैं.

अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)

इनडायरेक्ट टैक्स उत्पादित वस्तुओं और आयात-निर्यात वाले सामानों पर उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क और सेवा शुल्‍क के जरिए लगता है. इनडायरेक्ट टैक्सेज को जीएसटी में समाहित कर दिया गया है.

बैलेंस बजट (Balanced budget)

एक केंद्रीय बजट बैलेंस बजट तब कहलाता है, जब वर्तमान प्राप्तियां मौजूदा खर्चों के बराबर होती है.

बैलेंस ऑफ पेमेंट (Balance of payments)

देश और बांकी दुनिया के बीच हुए वित्तीय लेनदेन के हिसाब को भुगतान संतुलन या बैलेंस ऑफ मोमेंट कहा जाता है.

बांड (Bond)

यह कर्ज का एक सर्टिफिकेट होता है, जिसे कोई सरकार या कॉरपोरेशन जारी करती है ताकि पैसा जुटाया जा सके.

चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)

यह देश के व्यापार परिदृश्य को संदर्भित करता है. अगर निर्यात अधिक है और आयात के जरिए देश से बाहर जाने वाले पैसे से अधिक पैसा देश में आता है तो स्थिति अनुकूल है और इसे चालू खाता अधिशेष के रूप में जाना जाता है. लेकिन अगर आयात के जरिए देश से बाहर जाने वाला पैसा, निर्यात के एवज में आने वाले पैसे से ज्यादा है तो इसे चालू खाता घाटा कहते हैं.

Union Budget 2021: बजट से बजट तक इन शेयरों ने बना दिया अमीर, निवेशकों को मिला 750% तक रिटर्न

उत्पाद शुल्क (Excise Duty)

देश की सीमा के भीतर बनने वाले सभी उत्पादों पर लगने वाले टैक्‍स को एक्‍साइज ड्यूटी कहते हैं. एक्‍साइज ड्यूटी को भी जीएसटी में शामिल कर लिया गया है.

विनिवेश (Disinvestment)

सरकार द्वारा किसी पब्लिक इंस्टिट्यूट में अपनी हिस्सेदारी बेचकर राजस्‍व जुटाने की प्रक्रिया विनिवेश कहलाता है.

जीडीपी (GDP)

जीडीपी एक वित्तीय वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं का कुल जोड़ होता है.

सीमा शुल्क (Custom duty)

सीमा शुल्क उन वस्तुओं पर लगता है, जो देश में आयात की जाती हैं या फिर देश के बाहर निर्यात की जाती हैं.Budget

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. बजट 2021
  3. Budget 2021: बजट शब्दावली, आसान भाषा में जानें इनका मतलब; बजट समझने में मिलेगी मदद

Go to Top