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Budget 2019: 10 लाख रु तक की सालाना इनकम हो जाएगी टैक्स फ्री, जानिए पूरा कैलकुलेशन

Budget 2019 : वित्त मंत्री पीयूष गोयल बजट 2019 में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है. वित्त मंत्री ने 5 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है. हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

February 1, 2019 6:11 PM

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Budget 2019 : वित्त मंत्री पीयूष गोयल बजट 2019 में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है. वित्त मंत्री ने 5 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है. हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस तरह, 6.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी. इनकम टैक्स के नए प्रावधानों के बाद टैक्सपेयर्स को अब 12500 रुपये की टैक्स बचत होगी. हालांकि, टैक्सपेयर्स यदि की इनकम 10 लाख रुपये तक है तो वह टैक्स सेविंग की अधिकतम सीमा का इस्तेमाल कर इसे टैक्स फ्री कर सकता है.

कैसे बचेगा 12500 रुपये टैक्स
अगर आप पहले 5 लाख रुपये तक कमाते थे तो पूरे 5 लाख रुपये में ०% टैक्स वाले 2.5 लाख रुपये घटाकर बाकी के 2.5 लाख पर 5 फीसदी के हिसाब से सालाना 12,500 रुपये का टैक्स देना पड़ता था. इस टैक्स देनदारी को सरकार ने सेक्शन 87ए के तहत रिबेट दे दिया है. यानी, टैक्सपेयर्स के लिए यह टैक्स माफ हो जाएगा. इस तरह, 5 लाख तक इनकम पर सीधे-सीधे 12,500 रुपये टैक्स का फायदा होगा.

10 लाख रुपये की इनकम होगी टैक्स फ्री?

 

अब हम आपको एक उदाहरण से समझाते हैं कि आप किस तरह से अलग-अलग जगह अपना पैसा निवेश करके अपनी सालाना 10 लाख कमाई को टैक्स फ्री बना सकते हैं.
हमने आपके सामने 2 केस रखे CASE 1, CASE 2. CASE 1 में किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 10 लाख रुपये है. और CASE 2 में एक व्यक्ति की सालाना इनकम 6 लाख रुपये है.

income tax, tax, budget, piyush goyal, narendra modi government budgetस्टैंडर्ड डिडक्शन 40,000 से 50,000 रुपये बढ़ा

समझते हैं CASE 1 को
स्टैंडर्ड डिडक्शन 40,000 से 50,000 रुपये बढ़ा दी है. इसलिए CASE 1 में टैक्स निकालते वक़्त 50,000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने पर 9,50,000 बचते हैं. इनकम टैक्स में होम लोन के ब्याज पर अधिकतम 2,00,000 की डिडक्शन मिलती है. इसलिए 2 लाख का होम लोन का ब्याज घटाने पर टोटल टैक्सेबल इनकम 7,50,000 बचती है. इनकम टैक्स में सेक्शन 80C के तहत 1,50,000 की डिडक्शन मिलती है. इसके अलावा 80D सेल्फ में 25,000 की छूट मिलती हैं, और अपने डिपेंडेंट माता-पिता के लिए हैल्थ इंश्योरेंस में निवेश करने पर 25,000 तक का डिडक्शन मिलता है. ये सभी डिडक्शन घटाने के बाद टैक्सेबल इनकम 5,00,000 बचती है.

अब 5,00,000 पर इनकम टैक्स की कैलकुलेशन के हिसाब से 12,500 का टैक्स बनता है. और 5,50,000 पर 22,500 . सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाले रिबेट को 2500 से बढ़ाकर 12,500 कर दिया है. इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति को 1 साल में 12,500 या उससे कम का टैक्स देना पड़ता था तो उसे 12,500 की रिबेट मिल जाएगी. और उसकी टैक्सेबल इनकम nil हो जाएगी.

समझते हैं CASE 2 को
CASE 2: CASE 2 में टैक्स निकालते वक़्त 50,000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने पर 5,50,000 बचते हैं. होम लोन ना लेने पर ब्याज की रकम नहीं घटाई गई है तो इस केस 2 में टोटल इनकम 5,50,000 ही रही. इनकम टैक्स में सेक्शन 80C के तहत 1,50,000 की डिडक्शन, 80D सेल्फ में 25,000 और 80Dपेरेंट्स में 25,000 की छूट यहां नहीं मिली. इसलिए अभी भी यहां टैक्सेबल इनकम 5,50,000 है.

अब 5,50,000 पर इनकम टैक्स की कैलकुलेशन के हिसाब से 22,500 का टैक्स बनता है. यहां टैक्सेबल इनकम यानी उसे रिबेट की रकम 12,500 से ज्यादा है. इसलिए इस केस में रिबेट की रकम 12,500 रुपये का फायदा नहीं मिलेगा, और पूरे 22,500 रुपये का टैक्स देना पड़ेगा.

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