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Budget 2019: मोदी 2.0 के पहले बजट के लिए फिक्की ने पेश किया 6 प्वाइंट एजेंडा, इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार

इन सभी छह बिंदुओं को फिक्की ने सरकार को सुझाए हैं जिन्हें बजट तैयार करते वक्त सरकार को ध्यान में रखने चाहिए.

June 15, 2019 8:59 AM
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Budget 2019: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश हो रहा है. यह बजट पहली महिला पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. इस बजट से आम लोगों से लेकर उद्योग जगत भी बहुत उम्मीदें लगाए बैठा है. उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस बजट में ऐसी घोषणाएं होंगी जो देश की इकोनॉमी को रफ्तार देंगी. देश के व्यापारिक संगठनों के संघ फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) चाहता है कि मोदी सरकार इस वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में सिक्स-पॉइंट एजेंडे पर फोकस करे. इन सभी छह बिंदुओं को फिक्की ने सरकार को सुझाए हैं जिन्हें बजट तैयार करते वक्त सरकार को ध्यान में रखने चाहिए.

फिक्की के सिक्स पॉइंट्स एजेंडे से एक इकोसिस्टम तैयार होगा जो रोजगार, पेंडिंग बिल्स के पास होने, वस्तु एवं सेवा कर (GST) के सरलीकरण, खेती से जुड़ी समस्याओं के निराकरण, ब्याज दरों में कमी और नीतियों की घोषणाओं से जुड़ी हुई हैं. फिक्की ने जिन नीतियों पर घोषणाओं की बात की है, उनमें ई-फॉर्मेसी, रिटेल, इंडस्ट्री और ई-कॉमर्स से जुड़ी पॉलिसी शामिल हैं.

सरकार कड़े सुधारवादी कदम उठाए तो बढ़ोगी इकोनॉमी

फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन से बातचीत में फिक्की के प्रेसिडेंट संदीप सोमानी ने कहा कि इंडस्ट्री बॉडी ने बिजनस एनवायरमेंट को बढ़ावा देने और चुनौतियों से निपटने के लिए अपने एजेंडे की कॉपी सरकार के पास जमा कर दिया है. सोमानी ने कहा कि मोदी सरकार को हालिया लोकसभा चुनाव में एकतरफा बहुमत हासिल हुआ है, इसलिए उद्योगों को आशा है कि केंद्र सरकार वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े सुधारवादी कदम उठाएगी. उनका मानना है कि केंद्र सरकार अगर कड़े सुधारवादी कदम उठाती है तो इससे इकोनॉमी की रफ्तार तेज होगी.

कारोबारी लागत घटाने पर फोकस करे सरकार

फिक्की के प्रेसिडेंट सोमानी ने यह भी कहा कि इस बार के बजट में केंद्र सरकार को कारोबार की लागत कम करनी चाहिए. इससे निवेश जु़टाने में आसानी रहेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को निवेश को आकर्षित करने पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कारोबारी लागत कम करने के लिए रेपो रेट में 1-1.5 फीसदी की कटौती होनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स को सभी कंपनियों के लिए 25 फीसदी किए जाने की वकालत की है जो मौजूदा समय में 30 फीसदी है. सोमानी ने कहा कि सरकार को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) को एक बार रिव्यू करना चाहिए क्योंकि यह बहुत अधिक है.

(Story: Debjit Sinha)

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