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बनारस के बुनकरों को बजट से खास उम्मीद; मेगाक्लस्टर, GST में कमी समेत चाहते हैं ये 4 सौगात

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2019 को कल पेश करेंगी. मोदी 2.0 का यह पहला बजट है.

July 4, 2019 6:27 PM
Budget 2019: Demands and expectations of varanasi weavers and artisansRepresentational Image

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2019 को कल पेश करेंगी. मोदी 2.0 का यह पहला बजट है. इस बजट से पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बुनकरों और शिल्पियों को भी काफी उम्मीदें हैं. उनकी डिमांड को लेकर फाइनेंशियल एक्सप्रेस हिंदी ने ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, वाराणसी के डायरेक्‍टर/जनरल सेक्रेटरी और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. रजनीकांत से बात की.

डॉ. रजनीकांत ने बताया कि वाराणसी के बुनकरों और आर्टिसन्स की पहली डिमांड है कि वाराणसी में हैंडीक्राफ्ट के लिए स्पेशल हैंडीक्राफ्ट मेगाक्लस्टर बनाया जाए. इसके तहत यूपी के जियोग्राफिकल इंडीकेशन यानी जीआई टैग वाले सभी हैंडीक्राफ्ट आइटम्स को कवर किया जाए. इस मेगाक्लस्टर को सरकार ने पिछले साल मंजूरी दी थी. अब इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की अपील है. इससे 50000 से 1 लाख आर्टिसंस को सीधा फायदा पहुंचेगा.

क्या होगा इस मेगाक्लस्टर का फायदा

इस मेगाक्लस्टर के तहत वाराणसी के क्राफ्ट्स के लिए सीएफसी बनेंगे, रॉ मैटेरियल डिपो बनेगा, डिजाइन जोन का स्टूडियो बनेगा. साथ ही बुनकरों व शिल्पियों को सोलर सिस्टम के लिए सब्सिडी, मार्केटिंग, एग्जीबीशन और ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा सकेगी. इसके अलावा बुनकरों व शिल्पियों के बच्चों को डिजिटल ट्रेनिंग भी मुहैया कराई जा सकेगी, जिससे वे अपनी कारीगरी के जरिए आने वाले समय में आॅनलाइन पोर्टल्स से जुड़ सकें.

भदोही और मिर्जापुर की क्या है डिमांड

बनारस के अलावा भदोही और मिर्जापुर के कारपेट कारोबार के लिए एक स्पेशल कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना किए जाने की डिमांड है. साथ ही इन दोनों जगह पर कच्चे माल के लिए अलग से डिपो बनाए जाने की भी डिमांड है ताकि इंडीविजुअल बुनकर भी जाकर वहां से प्रॉडक्ट तैयार करने के लिए कच्चा माल खरीद सके.

मिनिमम और यूनिफॉर्म GST रेट की डिमांड

रजनीकांत ने बताया कि एक डिमांड यह भी है कि हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम आइटम्स के लिए मिनिमम और यूनिफॉर्म जीएसटी रेट होनी चाहिए. इस वक्त हैंडलूम और पावरलूम के आइटम्स पर 5 फीसदी जीएसटी है, वहीं हैंडीक्राफ्ट्स में किसी आइटम पर 0, किसी पर 12 फीसदी तो कुछ आइटम्स पर 18 फीसदी जीएसटी है. लिहाजा डिमांड है कि मिनिमम 5 फीसदी जीएसटी रेट को सभी हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट आइटम्स पर लागू किया जाए. ऐसा न रहे कि एक हैंडीक्राफ्ट पर 12 फीसदी जीएसटी हो और एक पर 0.

2 लाख रु तक के सामान ले जाने वाले आर्टिसंस को ई-वे बिल से मिले छूट

तीसरी डिमांड है कि 2 लाख रुपये तक के सामान को दूसरे राज्य में ले जाने वाले आर्टिसंस को ई-वे बिल के झंझट से आजाद किया जाए. क्योंकि वे जीएसटी के दायरे में नहीं आते हैं. कम अमाउंट का सामान ले जाने पर भी ई-वे बिल नियम के चलते छोटे आर्टिसंस सामान लेकर दूसरे राज्यों में जाने से कतरा रहे हैं. जो जा रहे हैं वे बिचौलियों के जरिए जा रहे हैं. लिहाजा इससे बचने के लिए आर्टिसंस को दूसरे राज्यों के मेले, प्रदर्शनी आदि में 2 लाख रुपये तक का सामान बिना ई-वे बिल ले जाने की अनुमति दी जाए.

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