मुख्य समाचार:

Budget 2019: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, आम आदमी के लिए घर और कार खरीदना हुआ और सस्ता

मोदी 2.0 का पहला बजट पेश हो चुका है.

July 6, 2019 12:58 AM
Budget 2019: Income TaxBudget 2019: Income Tax

बजट 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम आदमी की टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ने की उम्मीदों को तोड़ते हुए कोई राहत नहीं दी. उम्मीद की जा रही थी कि सरकार इनकम टैक्स छूट की लिमिट को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर सकती है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. हालांकि दूसरी ओर उन्होंने आम आदमी के लिए घर खरीदना और सस्ता किया जाने की दिशा में कदम बढ़ाया है.

बजट में एलान किया गया कि 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने के लिए 31 मार्च 2020 तक लिए गए होम लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर अब 3.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन मिलेगा. अभी इस टैक्स डिडक्शन की लिमिट 2 लाख रुपये है.

अमीरों के लिए सरचार्ज बढ़ा

2 से 5 करोड़ आमदनी पर सरचार्ज 3 फीसदी और 5 करोड़ से ज्यादा की आय पर सरचार्ज 7 फीसदी बढ़ा. इसके अलावा अगर कोई बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की राशि निकालता है तो उस पर 2% का TDS लगाया जाएगा. यानी सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक कैश निकालने पर 2 लाख रुपये टैक्स में ही कट जाएंगे.

मौजूदा बजट स्लैब

अंतरिम बजट 2019 में रिबेट की लिमिट को बढ़ाकर 12500 रुपये किया गया. इसके चलते 5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई.

 

ई-व्हीकल पर लोन में भी टैक्स बेनिफिट

बजट में यह भी एलान हुआ कि इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल की खरीद के लिए लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स में 1.5 लाख रुपये का टैक्स डिडक्शन मिलेगा.

टैक्स के मोर्च पर कुछ अन्य प्रस्ताव

– सरकार ने कर दायरा बढ़ाने के लिए ठेकेदारों या पेशेवरों को एक साल में 50 लाख रुपये सालाना से अधिक का भुगतान करने वाले व्यक्ति के लिए पांच प्रतिशत की दर से स्रोत पर कर कटौती (TDS) अनिवार्य कर दी है. इसके तहत TDS की राशि को व्यक्ति अपने स्थायी खाता संख्या (PAN) के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा करा सकेगा. मौजूदा समय में जिस व्यक्ति या हिंदू संयुक्त परिवार (HUF) का कारोबार या पेशा ऑडिट के दायरे में नहीं आता है, उसे निजी उपभोग के लिए किसी स्थायी ठेकेदार या पेशेवर की सेवा का भुगतान करने पर TDS नहीं काटना होता है. बजट में इस तरह के व्यक्तियों और HUF के किसी ठेकेदार या पेशेवर को सालाना 50 लाख से अधिक का भुगतान करने पर पांच प्रतिशत की दर से TDS काटने के लिए अलग से एक प्रावधान करने का प्रस्ताव किया गया है.

– अचल संपत्ति के अधिग्रहण के लिए किए गए भुगतान से TDS के लिए कुछ अन्य चार्जों को भी कंसीडरेशन में लिया जाए. इनमें संपत्ति की खरीद के साथ क्लब की सदस्यता, कार पार्किंग शुल्क, बिजली या जलापूर्ति सेवाओं का भुगतान, रख.रखाव शुल्क समेत अन्य तरह के शुल्क शामिल हैं.

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2019-20 चालू खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक जमा करने, एक लाख रुपये से अधिक बिजली बिल का भुगतान करने और एक साल में विदेश यात्रा पर दो लाख रुपये खर्च करने वालों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया है.

– भारतीय निवासी द्वारा विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति को पैसे या भारत में मौजूद किसी प्राॅपर्टी को 5 जुलाई और इसके बाद गिफ्ट (जब तक छूट न दी जाए, गिफ्ट न होने के कारण) के तौर पर दिए जाने को भारत की प्राॅपर्टी माना जाएगा और वह टैक्स के दायरे में आएगा.

अंतरिम बजट 2019 में टैक्स के मोर्चे पर मिली राहत

  • रिबेट की लिमिट को बढ़ाकर 12500 रुपये किया गया. इसके चलते 5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई.
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये किया गया.
  • बैंक या डाकघरों में जमा पर आने वाले 40000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. पहले यह लिमिट 10000 रुपये थी.
  • किराए पर TDS की सीमा को भी 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये किया गया.
  • किसी व्यक्ति के दूसरे सेल्फ ऑक्यूपाइड मकान को टैक्स फ्री कर दिया गया. इससे पहले नियम था कि आपके दूसरे मकान में भले ही आपके परिवार के सदस्य रह रहे हों यानी आपने मकान किराए पर न दिया हो, फिर भी उस मकान पर आस-पास के एरिया के मुताबिक रेंट कैलकुलेशन होता था. इसी पर सरकार टैक्स कैलकुलेट करती थी.
  • सेक्शन 54 के तहत प्रावधान किया गया कि अगर कोई एक मकान को बेचकर मिले पैसों से दो मकान खरीदता है तो दोनों मकानों पर टैक्स से छूट मिलेगी. पहले यह छूट केवल एक नए मकान तक ही सीमित थी.

बजट 2018 की घोषणाएं

पिछले साल के बजट में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने मिडिल क्‍लास और सैलरी क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी थी. इनकम टैक्‍स रेट और इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया था. हालांकि सीनियर सिटीजंस को इनकम टैक्‍स के मोर्च पर कई तरह की सहूलियत दी गई थीं. सीनियर सिटीजंस की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्‍ट इनकम को टैक्‍स छूट दी गई थी, पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी. इसके अलावा सीनियर सिटीजंस के लिए सेक्‍शन 80डी के तहत 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकने की सुविधा दी गई थी.

इसके अलावा पिछले बजट में यह भी घोषणा हुई थी कि शेयर बाजार में एक साल निवेश करने के बाद किसी व्यक्ति को 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई होती है तो उस कमाई पर लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्स लगेगा. यह टैक्‍स 10 फीसदी की दर से लगाया जाएगा.

  • हेल्थ एजुकेशन सेस बढ़ाकर किया 4 फीसदी
  • 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. बजट
  3. Budget 2019: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, आम आदमी के लिए घर और कार खरीदना हुआ और सस्ता

Go to Top