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टाटा मोटर्स की नई उपलब्धि, 30 साल में 40 लाख पैसेंजर वेहिकल्स के उत्पादन का आंकड़ा पार

टाटा मोटर्स ने पैसेंजर वेहिकल्स सेग्मेंट में 10 लाख उत्पादन का माइलस्टोन 2005-06 में और 30 लाख का माइल स्टोन 2015 में छुआ था.

October 24, 2020 5:45 PM
Tata Motors crosses 40 lakh cumulative production milestone in 30 yearsJaguar’s EBITDA margin was at 11% which, analysts say, was a positive surprise.

टाटा मोटर्स ने शनिवार को एक नए माइलस्टोन को छुआ. टाटा मोटर्स ने बताया कि उसने अब तक 40 लाख गाड़ियों का उत्पादन कर लिया है. यह उपलब्धि उसने तीन दशक में हासिल की है. टाटा मोटर्स ने अपना पहला मॉडल 1991 में टाटा सिएरा एसयूवी लांच किया था. कंपनी ने इंडिका, सिएरा, सूमो, सफारी और नैनो जैसे कई मॉडल की गाड़ियों का उत्पादन किया है. इससे पहले टाटा मोटर्स ने पैसेंजर वेहिकल्स सेग्मेंट में 10 लाख उत्पादन का माइलस्टोन 2005-06 में और 30 लाख का माइल स्टोन 2015 में छुआ था. टाटा मोटर्स की मैनुफैक्चरिंग प्लांट चिखली (पुणे), साणंद (गुजरात) और फिएट के साथ राजनगांव (पुणे) में है.

कई मॉडल से स्थापित किए ट्रेंड

टाटा मोटर्स के पैसेंजर्स वेहिकल्स बिजनेस यूनिट के प्रेसिडेंट शैलेश चंद्रा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि ऑटो इंडस्ट्री में बहुत कम कंपनियों ने इस माइलस्टोन को छुआ है और पहला मॉडल लाने के बाद से अब तक की यह यात्रा बहुत लंबी रही है. उन्होंने कहा कि इन वर्षों में कंपनी ने बने-बनाए ढर्रे को चैलेंज किया है और कई बार ऐसे प्रॉडक्ट लाए हैं जो बाजार में पहली बार आए थे, जैसे कि सिएरा, एस्टेट, सफारी, इंडिका और नैनो.
सिएरा के जरिए कंपनी ने पहली बार देश में एसयूवी सेग्मेंट का प्रवेश कराया. इसके बाद कंपनी ने इसे सफारी के साथ कंसालिडेट किया. फिर कंपनी ने सुमंत मूलगांवकर के सम्मान में देश में पहली बार मल्टी पर्पज वेहिकल टाटा सूमो लांच किया. इंडिका के जरिए कंपनी ने ग्राहकों के परसेप्शन में बदलाव लाया कि किस प्रकार पैसेंजर गाड़ियों को लाना चाहिए. कंपनी ने 1998 में पैसेंजर वेहिकल बिजनेस यूनिट बनाया और इसके तहत इंडिका को लांच किया. नैनो देश की पहली कार थी जिसे कम आय वर्ग लोगों के लिए चार पहिया की अपनी गाड़ी होने का सपना साकार होने के उद्देश्य से लाया गया.

देश में पहली बार लाया क्रैश सेफ्टी टेस्टिंग

चंद्रा ने कहा कि टाटा मोटर्स ने देश में पहली बार क्रैश सेफ्टी टेस्टिंग को लाया. इससे ऑटो इंडस्ट्री में गाड़ियों की सेफ्टी पर फोकस बढ़ा. उन्होंने बताया कि कंपनी की कॉम्पैक्ट एसयूवी नेक्सॉन देश की पहली मॉडल थी जिसे ग्लोबल एनकैप से फाइव स्टार मिला.

इलेक्ट्रिक वेहिकल सेग्मेंट में लीड का लक्ष्य

चंद्रा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य अब देश में इलेक्टिक वेहिकल के सेग्मेंट में लीड करना है. उन्होंने बताया कि अभी टाटा मोटर्स देश में सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वेहिकल मैनुफैक्चरर है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 67 फीसदी है. अभी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक सेग्मेंट में नेक्सॉन ईवी और टिगोर के दो ट्रिम्स की बिक्री कर रही है. इसके अलावा कंपनी की योजना अपनी प्रीमियम हैचबैक एल्ट्रोज को इलेक्ट्रिक संस्करण के रूप में पेश करने की है.

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