मुख्य समाचार:
  1. कार-बाइक मोडीफाइड कराना गैरकानूनी, रंग भी बदलवाया तो लग सकता है जुर्माना

कार-बाइक मोडीफाइड कराना गैरकानूनी, रंग भी बदलवाया तो लग सकता है जुर्माना

फैसले में कहा है कि गाड़ी बनाने वाली कंपनियों ने गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म में जो भी विशेषताएं दिखाई हैं, उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव संशोधित मोटर गाड़ी अधिनियम का उल्लंघन है.

January 10, 2019 7:31 PM
Modified Cars, Bikes are illegal says Supreme Courtइससे पहले केरल हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाया था, जिसमें केरल मोटर गाड़ी अधिनियम 1989 के तहत आंशिक बदलावों को अनुमति दी गई थी. (Reuters)

नई कार या बाइक खरीदने के बाद उसे मोडीफाई कराना अब गैरकानूनी हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, किसी भी कार या बाइक में किसी भी ऐसे बदलाव पर जो उसकी मूल विशेषताओं से अलग हो, जुर्माना भर पड़ सकता है. फैसले के तहत गाड़ियों के रंग के अलावा आवाज व उत्सर्जन बदलने के लिए किए गए बदलाव, टायरों के आकार में बदलाव और उसकी बॉडी में किसी भी प्रकार के बदलाव को अब गैरकानूनी माना जाएगा.

केरल हाईकोर्ट ने दी थी आंशिक बदलाव की मंजूरी

इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाया था, जिसमें केरल मोटर गाड़ी अधिनियम 1989 के तहत आंशिक बदलावों को अनुमति दी गई थी.

बदलावों से सुरक्षा और पर्यावरण को खतरा

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि गाड़ी बनाने वाली कंपनियों ने गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म में जो भी विशेषताएं दिखाई हैं, उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव संशोधित मोटर गाड़ी अधिनियम का उल्लंघन है. इस अधिनियम में सुरक्षा और पर्यावरण को किसी भी नुकसान को रोकने के लिए प्रावधान किए गए हैं. इन प्रावधानों के तहत गाड़ियों में बदलाव से सड़कों को भी नुकसान पहुंचता है क्योंकि किसी भी गाड़ी को तभी मंजूरी मिलती है, जब वह सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करती हो. ये मापदंड पर्यावरण के अलावा सड़क के मुताबिक तैयार किए जाते हैं. इस प्रकार उनमें किसी भी प्रकार का बदलाव होने पर निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन होता है.

जुर्माने का फैसला संबंधित संस्थाओं पर छोड़ा

सुप्रीमकोर्ट ने अपने फैसले में गाड़ियों में बदलाव से होने वाले उल्लंघन को लेकर जुर्माने के प्रावधान पर कोई टिप्पणी नहीं की है और इसे संबंधित संस्थाओं पर छोड़ दिया है. संबंधित संस्थाएं जैसे कि केंद्र, राज्य या क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इसे प्रासंगिक तरीके से तय कर सकेंगी.

Go to Top