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  1. बदल रहा है इंडिया का मिज़ाज, अब हैचबैक नहीं SUV है भारतीयों की पहली पसंद

बदल रहा है इंडिया का मिज़ाज, अब हैचबैक नहीं SUV है भारतीयों की पहली पसंद

इंडिया बदल रहा, इंडिया की पसंद बदल रही है। कभी पहली कार के रुप में हैचबैक खरीदने वाले भारतीयों की समय के साथ इच्छाएं इस कदर बदली की अब भारतीय अपनी पहली कार के रूप में एंट्री लेवल हैचबैक की जगह एसयूवी या प्रीमियम हैचबैक कारों को प्राथमिकता से खरीद रहे हैं।

April 10, 2018 1:59 PM
एसयूवी कार, मारुती सुजुकी, हुंजई टाटा, एलएमसी लोकोमोटिव, हैचबैक, suv, mini micro cars एलएमसी लोकोमोटिव की रिपोर्ट के अनुसार अगले सात सालों में यानी 2018 से 2025 के दौरान मिनि और माइक्रो कार सेगमेंट 2 फीसदी की धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेगा।

इंडिया बदल रहा, इंडिया की पसंद बदल रही है। कभी पहली कार के रुप में हैचबैक खरीदने वाले भारतीयों की समय के साथ इच्छाएं इस कदर बदली की अब भारतीय अपनी पहली कार के रूप में  एंट्री लेवल हैचबैक की जगह एसयूवी या प्रीमियम हैचबैक कारों को प्राथमिकता से खरीद रहे हैं। एलएमसी लोकोमोटिव की रिपोर्ट के अनुसार अगले सात सालों में यानी 2018 से 2025 के दौरान मिनि और माइक्रो कार सेगमेंट 2 फीसदी की धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेग।

माइक्रो और मिनी कार सेगमेंट फिलहाल पैसेंजर मार्केट का एक चौथाई हिस्सा कवर करता है। वहीं कॉम्पैक्ट एसयूवी कार मार्केट का 1/2 हिस्सा कवर करता है। बहरहाल मात्र अगले 7 सालों में मात्र 2 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ने वाले माइक्रो मिनि कार के लिए एसयूवी कारे एक खतरा बनकर उभरी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के दौरान एसयूवी कार की सेल 10.5 फीसदी से बढ़ी है। एलएमसी ऑटोमोटिव के सीनियर मैनेजर अम्मार मास्टर के मुताबिक एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे के दो मुख्य कारण है। मास्टर के अनुसार” पहला इन एसयूवी के अफोर्डेबल दाम, दूसरा अच्छी कमाई करने वाले जो लोग पहली कार खरीद रहे हैं वो कमफर्ट औऱ लग्जरी ढूंढ रहे हैं जो उन्हे मिनी या माइक्रो कार में नहीं मिल रहा है”।

एसआईएम की रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रो और मिनी सेगमेंट में गिरावट आनी शुरु हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2017 से लेकर फरवरी 2018 तक देश भर में 5,23,525 माइक्रो और मिनी कारों की बिक्री हुई। वहीं इसी समय में 2016-17 में 5,36,472 माइक्रो मिनी कारों की बिक्री हुई है। यानी इन 2017-18 के दौरान पिछले साल के मुकाबले 2.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ देश में ही नहीं इन गाड़ियों के निर्यात में भी भारी गिरावच दर्ज की गई है। 30,673 माइक्रो मिनी कार एक्सपोर्ट की गई है, वहीं 2016-17 में 43,199 कार एक्सपोर्ट की गई थी।

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