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सेकंड हैंड बाइक/स्कूटर खरीदने से पहले ध्यान रखें ये टिप्स, फायदे का रहेगा सौदा

सेकंड हैंड बाइक/स्कूटर खरीदने से पहले उनकी कुछ मैकेनिकल और डॉक्यूमेंट की जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए.

January 11, 2021 1:18 PM
Tips for Purchasing Pre-owned Two-wheeler, Tips for buying bike or scooters Second-hand bike, Tips for buying bike or scooters Second-hand scooters, RC, PUC, Pre-owned Two-wheeler market, Second-hand Two-wheeler market, indian bike market, indian scooters marketभारत दुनिया का एक सबसे बड़ा यूज्ड टू-व्हीलर्स यानी सेकंड हैंड स्कूटर या बाइक का मार्केट है. (Representational)

भारत दुनिया का एक सबसे बड़ा यूज्ड टू-व्हीलर्स यानी सेकंड हैंड स्कूटर या बाइक का मार्केट है. कई लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और आवागमन के लिए पहली बार सेकेंड हैंड टू-व्हीलर खरीदते हैं. कोरोना महामारी के इस दौर में अब गांव, कस्बों और छोटे शहरों में भी लोग अपने निजी वाहन से चलना बेहतर समझ रहे हैं. यानी, सुरक्षित सफर के लिए लोगों का ध्यान निजी स्कूटर या बाइक की तरफ बढ़ा हैं. जिसके चलते यूज्ड टू-व्हीलर्स की भी मांग में बढ़ोतरी हुई है.

यदि आपके पास नई स्कूटर या बाइक खरीदने पर ज्यादा खर्च करने से बचना चाहते हैं तो आपके लिए सेकंड हैंड टू-व्हीलर एक अच्छा विकल्प है. इससे आप पैसे बचाने के साथ-साथ निजी वाहन का भी सपना पूरा कर लेंगे. आमतौर पर सेकंड हैंड बाइक या स्कूटर खरीदते समय थोड़ी बहुत लापरवाही या अनदेखी आने वाले समय में ज्यादा नुकसान करा देती है. इसलिए जब भी आप यूज्ड टू-व्हीलर्स लेने का प्लान करें, आपको कुछ चीजों की जांच जरूर करनी चाहिए.

मार्केट रिसर्च जरूर करें

जब भी आप सेकंड हैंड बाइक या स्कूटर खरीदने का प्लान करें, मार्केट के बारे में आपको अच्छी तरह जानकारी होनी चाहिए. जिस मॉडल को आप खरीदना चाहते हैं उसके बारे सबकुछ पता करें. आप गाड़ी किस मकसद से खरीद रहे हैं, इसे ध्यान में रखें. बाइक या स्कूटर का माइलेज या अन्य डिजाइन फीचर्स ओनर को पहले सही पता रहते हैं. इसलिए सभी विकल्पों की अच्छी तरह पड़ताल कर लें. जिससे आप जालसाज विक्रेताओं से बचे रहेंगे. विभिन्न रीसेलर्स अलग-अलग कीमत बताते हैं. अमूमन सेकंड हैंड बाइक या स्कूटर की कीमत उसके मैन्युफैक्चरिंग साल और इस्तेमाल के आधार पर तय की जाती है.

भरोसेमंद सेलर्स से करें सौदा

सेकंड हैंड वाहनों के लिए हमेशा एक भरोसेमंद सेलर्स की तलाश करनी चाहिए. आज के दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्राइवेट खरीददारों को सेकंड हैंड वाहन खरीदने और वाहन बेचने की सुविधा उपलब्ध है. एक प्रतिष्ठित ब्रांड हमेशा कंज्यूमर्स को न सिर्फ शुरू से अंत तक की पूरी सर्विस बल्कि ऑटो एस्कपर्ट्स द्वारा सर्विसिंग, कॉन्टेक्टलेस डिलीवरी, छह महीने की फ्री वारंटी, सुनिश्चित बाईबैक वेल्यू और अन्य सेवाएं भी प्रदान करता है. अपने लिए सबसे अच्छी बाइक चुनने का सबसे अच्छा तरीका विभिन्न बाइक्स का ट्रायल लेकर अपनी जरूरतों के हिसाब से उनके फीचर्स का वैल्यूएशन करना है.

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बाइक/स्कूटर की जांच

ध्यान रखें जो दिख रहा है, वह गलत भी हो सकता है. इसलिए यूज्ड टू-व्हीलर खरीदते समय सबसे जरूरी बात उसकी जांच करना है. विस्तृत जांच पड़ताल के बिना आप कई छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातें नहीं जान पाते हैं, मसलन क्या बाइक की देखभाल सही से की गई हैं, दिखने वाले स्क्रैच आदि. स्थानीय डीलर से वाहन खरीदते समय वाहन का निरीक्षण करना बहुत महत्वपूर्ण स्टेप है. ऑनलाइन पोर्टल्स आपको 120 से ज्यादा चेकपॉइंट्स के साथ-साथ एक्सपर्ट की राय लेने की भी सुविधा देते हैं, जिससे यहां खरीददारी ज्यादा विश्वसनीय हो जाती है.

बावजूद इसके एक यूज्ड टू-व्हीलर खरीदते समय दो महत्वपूर्ण जांच जरूर करनी चाहिए. चाहे आप डील लोकल डीलर से कर रहे हों या ऑनलाइन पोर्टल्स पर.

मैकेनिकल जांच

  • ऑयल लीकेजः इंजन के आसपास देखें और ऑयल लीकेज को बारीकी से जांचें.
  • जंगः टू-व्हीलर के मेटल के बने पार्ट्स में समय के साथ जंग लगने लगती है. ऊपर लगी हल्की जंग को ठीक किया जा सकता है, लेकिन अगर पार्ट में ही जंग लगी है तो गंभीर बात है.
  • खरोंच और डेंटः सड़कों पर बढ़ते वाहनों और पार्किंग लॉट्स में कम होती जगह के कारण वाहनों में खरोंच तो आएगी ही. इधर-उधर खरोंच के छोटे दाग को तो नजरंदाज किया जा सकता है लेकिन बड़ा डेंट आपके टू-व्हीलर के पूरे लुक को बिगाड़ सकता है.
  • क्या वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुका हैः यूज्ड टू-व्हीलर खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वह बहुत अच्छी कंडीशन में हो.
  •  इंजन की जांचः इंजन की स्थिति की जांच करने के लिए बाइक को स्टार्ट करें. धुआं निकलने पर किसी विशेषज्ञ से जांच कराएं क्योंकि इंजन के कई पार्ट्स जलने पर ही ऐसा होता है.
  • माइलेज की जांचः यह देखें कि यूज्ड टू-व्हीलर जितना बताया गया, उससे ज्यादा या कम चला है. बाइक का सही माइलेज कई बार टायरों की हालत देखकर भी पता लग जाता है.
  • टेस्ट राइडः वाहन खरीदने की आगे की कार्रवाई टेस्ट राइड से संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ाएं.

कागजों की जांच

मैकेनिकल जांच से संतुष्ट होने के बाद वाहन के कागजों की जांच करें. इसके बाद ही रुपये दें.

  • रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC): यूज्ड टू-व्हीलर खरीदते समय हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप विश्वसनीय स्रोत से ही वाहन खरीद रहे हैं. अगर डीलर या ऑनलाइन ब्रांड वाहन के मालिक के नाम, इंजन और चेचिस नंबर, साल, मॉडल आदि की पुष्टि नहीं करते हैं तो आपको आरसी से इसकी मालूमात करनी होगी.
  • बीमाः यह देखें कि क्या वाहन का वैध बीमा है.
  • प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC): भारतीय मोटर व्हीकल एक्ट के तहत, मोटर वाले हर वाहन के लिए पीयूसी की जरूरत होती है. इसलिए यह जांचें कि आपके वाहन का पीयूसी बना है. अगर नहीं तो आप बनवा सकते हैं.
  • सर्विसः टू-व्हीलर के आधिकारिक रीसेलर के पास विश्वसनीय सर्विस सेंटरों से सर्विस कराने का पूरा रिकार्ड होगा. इस रिकार्ड में यह जानकारी होती है कि टू-व्हीलर की नियमित रूप से सर्विस की गई है और यह रीसेल के लिए अच्छी स्थिति में है.

मोलभाव और भुगतान

अपने मूल्यांकन तथा विशेषज्ञ की राय, दोनों के आधार पर अंतिम कीमत पर मोलभाव किया जा सकता है. यदि आप किसी प्रतिष्ठित ब्रांड से यूज्ड टू-व्हीलर खरीद रहे हैं तो आपको त्योहारों पर मिलने वाली छूट पहले ही मिल जाएगी. इसके अलावा आप नियमित रूप से मिलने वाली छूट का भी फायदा उठा सकते हैं. रही भुगतान की बात तो आप ईएमआई की सुविधा उठाकर कोई भी बाइक खरीद सकते हैं. ध्यान रखें वाहन से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही आपको कागजी कर्रवाई और भुगतान करना चाहिए.

 

Article: शशिधर नंदीगम, संस्थापक और चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर (सीएफओ), क्रेडआर

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