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इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लॉन्ग टर्म पॉलिसी बनाए सरकार: SIAM

SIAM के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष अभय फिरोदिया ने सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने से दूर रहने के निर्णय पर अफसोस जताया.

September 6, 2018 4:50 PM
siam india, siam india auto sales, siam india car sales data, siam india news, auto news in hindi, business news in hindi SIAM के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष अभय फिरोदिया ने सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने से दूर रहने के निर्णय पर अफसोस जताया.

वाहन कंपनियों का शीर्ष संगठन SIAM ने गुरुवार को सरकार से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लॉन्ग टर्म नीति लाने को कहा. उसने कहा कि इस प्रकार की नीति के न होने से उद्योग भविष्य के लिए निवेश योजनाएं सही तरीके से नहीं बना पाता. वाहन उद्योग संगठन ने इस खंड की वास्तविक संभावना को हकीकत रूप देने के लिए कम कर की भी मांग की.सो

साइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (SIAM) के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष अभय फिरोदिया ने सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने से दूर रहने के निर्णय पर अफसोस जताया. फिरोदिया ने कहा, ‘‘अप्रत्याशित रूप से देश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने की घोषणा के बाद सरकार ने यह कहा कि वह ईवी को बढ़ावा देने के लिए औपचारिक रूप से कोई नीति जारी नहीं करेगी लेकिन इसके प्रसार के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि सरकार के अनुरोध पर SIAM ने ‘‘2030 तक 40 प्रतिशत वाहन बिजली से चलाने तथा 2047 तक 100 प्रतिशत वाहनों को इसके दायरे में लाने के लिए नीति का प्रस्ताव किया है.’’

फिरोदिया ने कहा, ‘सरकार दीर्घकालीनल दृष्टिकोण नहीं रही है और यह बात इस उद्योग के लिए मददगार नहीं है. स्पष्ट उद्देश्य रखने से उद्योग को भविष्य के निवेश की योजनाएं बनाने में मदद मिलती.’’ उन्होंने कहा कि ईवी के लिए बुनियादी ढांचा और एक पूरे ढांचे की जरूरत है. माल एवं सेवा कर (GST) के बारे में फिरोदिया ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण था और वाहन उद्योग लंबे समय से इसे सकारात्मक रूप से ले रहा था.

उन्होंने कहा, ‘‘28 प्रतिशत जीएसटी दर के साथ 15 प्रतिशत उपकर उद्योग की उम्मीद के अनुरूप था और वाहन उद्योग ने इसका स्वागत किया. हालांकि जल्दी ही यात्री वाहनों पर जीएसटी को पिछले साल सितंबर में बढ़ा दिया गया और यह उसी स्तर पर आ गया जो जीएसटी लागू होने से पहले था.’’ इससे वाहन उद्योग के भरोसे को झटका लगा.

फिरोदिया ने कहा, ‘‘उद्योग स्थिर नीति की मांग करता रहा है और ग्राहकों की इस मन: स्थिति में बदलाव का आकांक्षी रहा है कि वाहनों को लग्जरी सामान नहीं समझा जाए…’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर नीतियों के माध्यम से क्षेत्र की वृद्धि के लिए अनुकूल व्यवस्था बने तो उद्योग के आगे बढ़ने की काफी क्षमता है.’’

फिरोदिया ने कहा कि भारत में अन्य देशों की तुलना में लोगों तक वाहनों की पहुंच कम है. उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपए निवेश करने की प्रक्रिया में है. इस बीच, वाहन उद्योग की मांग के बारे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि बदलाव के लिए सभी पक्षों की सहमति वाली योजना की जरूरत है ताकि उद्योग में ज्यादा उठा-पटक न हो.

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