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  1. Auto Industries: ऑटो सेक्टर में 15 हजार नौकरियां गईं, 10 लाख पर संकट; बंद होने की कगार पर 300 डीलरशिप

Auto Industries: ऑटो सेक्टर में 15 हजार नौकरियां गईं, 10 लाख पर संकट; बंद होने की कगार पर 300 डीलरशिप

ऑटो इंडस्ट्री सरकार से तत्काल राहत की उम्मीद कर रही है.

August 13, 2019 5:59 PM
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jobs in Auto sector:  देश के ऑटो सेल्स में जुलाई के दौरान 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ऑटो इंडस्ट्री में संकट का आलम ऐसा है कि बीते दो से तीन महीने में 15000 लोगों की नौकरी जा चुकी है. जबकि आगे 10 लाख नौकरियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. आलम यह है कि 300 डीलरशिप बंद होने की कगार पर हैं. अब हालात ऐसे हैं कि इंडस्ट्री की नजर सरकार पर है. ऑटो इंडस्ट्री सरकार से तत्काल राहत की उम्मीद कर रही है. जॉब के मोर्चे पर अपने पहले कार्यकाल से विपक्ष की आलोचना झेल रही मोदी सरकार के लिए ऑटो सेक्टर में नौकरियां जाना नई चिंता का सबब बन सकता है.

ऑटो मैन्युफैक्चरर्स के संगठन सिआम के अनुसार, जुलाई की ऑटो सेल्स 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. जुलाई में देश में कुल ऑटो सेल्स 18.71 फीसदी गिरकर 18,25,148 रही, जो जुलाई 2018 में 22,45,223 थी. यह दिसंबर 2000 के बाद ऑटो सेल्स में आई सबसे बड़ी गिरावट है. उस दौरान ऑटो मार्केट में 21.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी. इसी तरह, पैसेंजर्स व्हीकल्स की घरेलू बिक्री जुलाई में भी करीब 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है.

तत्काल कुछ किए जाने की जरूरत: SIAM

सिआम के महानिदेशक विष्ण माथुर का कहना है कि आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार से राहत पैकेज की कितनी जरूरत है. तत्काल कुछ किए जाने की जरूरत है. इंडस्ट्री बिक्री बढ़ाने के जो कर सकता है, कर रहा है. मेरा मत है कि यही समय है जब इंडस्ट्री को सरकार से मदद की जरूरत है. उसे राहत पैकेज लेकर आना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को वापस ग्रोथ के रास्ते पर लाने और बिक्री में गिरावट को रोकने के लिए राहत पैकेज की बहुत जरूरत है. Auto Sales: ब्रिकी लगातार घटने से भारी संकट में ऑटो इंडस्ट्री, सरकार से मांगा रिवाइवल पैकेज

तीन महीने में गईं 15000 नौकरियां

माथुर ने कहा कि ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में पिछले दो से तीन महीनों में करीब 15,000 नौकरियां जा चुकी हैं. इसमें अधिकतर नौकरियां अस्थायी या संविदा कर्मचारियों की थीं. इसके अलावा ऑटो कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10 लाख से अधिक नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है.

300 ​डीलरशिप बंद होने की कगार पर

माथुर ने कहा कि गिरती बिक्री के कारण करीब 300 डीलर अपने स्टोर बंद करने पर मजबूर हैं जिसके चलते करीब दो लाख नौकरियां जा सकती हैं. वाहन क्षेत्र के मौजूदा कठिन हालत के बारे में माथुर ने कहा कि इससे पहले क्षेत्र ने ऐसा दौर 2008-09 और 2013-14 के दौरान देखा था. माथुर के मुताबिक इस सभी कैटेगरी में जुलाई में गिरावट दर्ज की गई है.

सरकार से क्या चाहती है ऑटो इंडस्ट्री?

  • तत्काल सरकारी मदद के बारे में माथुर ने कहा कि उन्हें सरकार से राहत पैकेज मिलने की उम्मीद है. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि सरकार किस तरह से राहत दे सकती है.
  • ऑटो इंडस्ट्री ने सरकार से वाहनों पर जीएसटी दरों में कटौती करने और पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजने की नीति लाने के लिए कहा है.
  • ऑटो इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार की तरफ से गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का रिवाइवल किया जाए क्योंकि ऑटो सेल्स बहुत हद तक फाइनेंस की उपलब्धता पर निर्भर करती है.
  • सरकार वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि को भी फिलहाल टाल दे.

GDP ग्रोथ पर भी पड़ेगा निगेटिव असर

माथुर ने कहा कि यदि ऑटो इंडस्ट्री की वृद्धि नीचे जाती है तो जीडीपी ग्रोथ रेट भी गिरेगी. मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी में ऑटो सेक्टर का योगदान करीब आधे के बराबर है. ऑटो सेक्टर में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर 3.7 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है.

मारुति, हुंडई, हीरो मोटो कार्प का हाल

पैसेंजर्स कार में देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री जुलाई में 36.71 फीसदी गिरकर 96,478 रही है. हुंडई की बिक्री 10.28 फीसदी की गिरावट के साथ 39,010 रह गई. वहीं, टू-व्हीलर्स की सबसे बड़ी कंपनी हीरो मोटो कॉर्प की बिक्री भी जुलाई में 22.9 फीसदी गिरकर वाहन 5,11,374 रह गई है.

 

(Input: PTI)

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