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  1. यूपी में कर्मचारी नहीं कर पाएंगे गड़बड़, जीपीआरएस ऐप से रखी जाएगी नजर

यूपी में कर्मचारी नहीं कर पाएंगे गड़बड़, जीपीआरएस ऐप से रखी जाएगी नजर

नगर निगम के सूत्रों की मानें तो निगम के अधिकारी एप के जरिए यह पता लगाएंगे कि सड़कों पर अलाव जल रहे हैं या नहीं।

January 1, 2018 10:43 AM
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उत्तर प्रदेश की राजधानी सहित राज्यभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस ठंड से बचने के लिए लखनऊ नगर निगम ने कई स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। लेकिन इसमें हमेशा ही लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। आरोपों से बचने के लिए ही नगर निगम ने एप के जरिए अलाव की निगरानी करने की व्यवस्था की है। इससे लापरवाह कर्मचारियों की पोल आसानी से खुल सकेगी। नगर निगम के सूत्रों की मानें तो निगम के अधिकारी एप के जरिए यह पता लगाएंगे कि सड़कों पर अलाव जल रहे हैं या नहीं। जीपीएस मैप कैमरा एप अलाव की सही लोकेशन और पिक्चर सामने लाएगा। इस एप की मदद से अलाव जलने के स्थान, समय, तापमान व दिन-रात का पता लग सकता है।

इस व्यवस्था से हेराफेरी और लापरवाही नहीं हो पाएगी। दरअसल, अब तक गुमराह करने वाले कर्मचारी पुरानी फोटो भेजकर बच जाते थे, लेकिन एप आ जाने से अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब एप के जरिए असलियत का पता चल जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि नगर आयुक्त ने जीपीएस मैप कैमरा एप की नई व्यवस्था पर सहमति दे दी है। फिलहाल नगर निगम इस समय सुबह और शाम को अलाव जलाने की व्यवस्था कर रहा है। शहरी क्षेत्रों की कई जगहों पर निगम की तरफ से अलाव की व्यवस्था की जा रही है। पिछले दो तीन दिनों में नगर निगम ने 150 से अधिक जगहों पर अलाव जलाना शुरू कर दिया है। जबकि इस सप्ताह से पूर्व इसकी संख्या 100 से भी कम थी।

निगम की योजना के अनुसार, जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी वैसे-वैसे अलाव के स्थानों में वृद्धि की जाएगी। फिलहाल नगर निगम की तरफ से लगभग 80 क्विंटल लकड़ी की व्यवस्था अलाव जलाने के लिए की गई है। अलाव जलाने की पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इसके लिए नगर निगम से जुड़े सभी अभियंताओं को निर्देश जारी कर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, अलाव जलाने की पूरी व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। अलाव को लेकर औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है। यदि सूची के अनुसार अलाव जलता हुआ नहीं पाया गया तो कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के निरीक्षण में पारदर्शिता के लिए एप के जरिए फोटो खींची जाती है। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। इसीलिए अलाव की व्यवस्था में सुधार के लिए इस एप का सहारा लिया जा सकता है।

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